न्यूटन का शीतलन का नियम
न्यूटन का शीतलन का नियम :- किसी वस्तु के ऊष्मा ह्रास की दर वस्तु तथा परिवेश के तापान्तर के समानुपाती होती है, बशर्ते कि यह तापान्तर अल्प हो (आमतौर पर 35 ∘C से कम)।
…..(1)
जब .
यहां -ve चिन्ह ऊष्मा हानि को दर्शाता है।
T = वस्तु का तापमान [°C में]
T0 = परिवेश का तापमान
(T – T0) = वस्तु तथा परिवेश के मध्य ताप आधिक्य
साथ ही,
…..(2)
ऋणात्मक चिह्न का अर्थ है कि समय बीतने के साथ तापमान कम हो रहा है।
समीकरण (2) में समीकरण (1) का उपयोग करने पर, हम पाते हैं
…..(3)
जहाँ
वस्तु तथा परिवेश के मध्य ताप आधिक्य
यदि वस्तु का तापमान T1 से T2 तक गिरता है और परिवेश का तापमान T0 हो तब,
वस्तु का औसत तापमान =
औसत ताप आधिक्य = …..(4)
वस्तु के तापमान में कमि की दर का परिमाण = …..(5)
समीकरण (3) में समीकरण (4) और (5) का उपयोग करने पर, हम पाते हैं
…..(6)
न्यूटन के शीतलन नियम की सीमाएँ
- वस्तु का वातावरण के सापेक्ष ताप आधिक्य 35 °C से अधिक ना हो
- वस्तु द्वारा ऊष्मा की हानि केवल विकिरण विधि द्वारा होनी चाहिये।
- वस्तु के शीतलन के समय परिवेश का तापमान नियत रहना चाहिए।
- न्यूटन का शीतलन का नियम, स्टीफन वोल्टजमेन नियम का एक विस्तार है।
ऊष्मन के लिए, न्यूटन का ऊष्मन नियम
यदि परिवेश का तापमान वस्तु के तापमान से अधिक हो, तब वस्तु परिवेश से ऊष्मा अवशोषित करेगी, जिससे उसके तापमान में वृद्धि होगी। समीकरण का रूप समान ही रहेगा, किन्तु तापमान में वृद्धि दर्शाने के लिए हमें तापमानों के क्रम को पलटना होगा।
…..(7)
स्टीफन बोल्ट्जमान नियम से न्यूटन का शीतलन का नियम व्युत्पन्न करना
स्टीफन-बोल्ट्जमैन नियम से ताप हृास की दर,
वस्तु तथा परिवेश के मध्य तापान्तर,
द्विपद सन्निकटन (binomial approximation) का प्रयोग करने पर,
जहाँ .
अवकल समीकरण (न्यूटन का शीतलन का नियम) का हल
न्यूटन के शीतलन नियम की समीकरण (3) का उपयोग करते हुए :
− चिह्न → तापमान का गिरना।
दोनों पक्षों का समाकलन करने पर,
जहाँ Ti = वस्तु का प्रारंभिक तापमान और Tf = वस्तु का अंतिम तापमान।
…..(8)
उदाहरण 1.
एक पिंड 5 मिनट में 64°C से 52°C तक ठंडा हो जाता है। अगले 5 मिनट के पश्चात इसका तापमान क्या होगा यदि परिवेश का तापमान 10°C हो ?
हल :
विधि – I
न्यूटन का शीतलन का नियम प्रयोग करने पर,
5 मिनट पश्चात,
विधि – II
समीकरण (8) से,
अब
…..(a)
5 मिनट पश्चात,
…..(b)
अब समीकरण (a) और (b) का उपयोग करते हुए,
उदाहरण 2.
यदि एक द्रव 80 °C से 70 °C तक ठण्डा होने में 30 सेकण्ड तथा 60 °C से 50 °C तक ठण्डा होने में 70 सेकण्ड लेता है तो कमरे का तापमान ज्ञात कीजिए।
हल :
प्रथम स्थिति में :
…..(a)
द्वितीय स्थिति में :
…..(b)
समीकरण (a) को समीकरण (b) से विभाजित करने पर, हम पाते हैं
उदाहरण 3.
एक द्रव को 95 ºC से 90 ºC तक ठंडा होने में 30 सेकंड लगते हैं और 55 ºC से 50 ºC तक ठंडा होने में 70 सेकंड लगते हैं। कमरे का तापमान और 50 ºC से 45 ºC तक ठंडा होने में लगने वाला समय ज्ञात कीजिए।
हल :
प्रथम आंकड़ों से :
…..(a)
द्वितीय आंकड़ों से :
…..(b)
समीकरण (a) को (b) से भाग देने पर, हम पाते हैं
मान लीजिए 50ºC से 45ºC तक ठंडा होने में लगा समय t सेकंड है, तब
…..(c)
समीकरण (a) को (c) से भाग देने पर, हम पाते हैं
किसी दिए गए द्रव की विशिष्ट ऊष्मा ज्ञात करना
(न्यूटन का शीतलन का नियम)
माना दो द्रव, जिनके आयतन समान हैं, घनत्व क्रमशः ρ1 और ρ2 है तथा विशिष्ट ऊष्मा क्रमशः s1 और s2 है, उन्हें समान पृष्ठीय क्षेत्रफल वाले कैलोरीमीटरों में रखा जाता है। दोनों द्रवों को समान प्रारम्भिक तापमान T1 से समान अंतिम तापमान T2 तक ठंडा होने दिया जाता है। शीतलन समान परिवेश तापमान T0 में होता है और माना शीतलन में लगे समय क्रमशः t1 तथा t2 हैं। यदि प्रत्येक कैलोरीमीटर का जल तुल्यांक w हो, तो न्यूटन के शीतलन नियम के अनुसार :
…..(9)
नोट :
यदि कैलोरीमीटर का जल तुल्यांक w नगण्य है तब,
…..(10)
समीकरण (9) और (10) की सहायता से हम दिए गए द्रव की विशिष्ट ऊष्मा ज्ञात कर सकते हैं।
उदाहरण 4.
एक कैलोरीमीटर में 40 ग्राम जल 50 °C पर है और उसका तापमान 10 मिनट में घटकर 45 °C हो जाता है। जब उसी कैलोरीमीटर में 100 ग्राम जल 50 °C पर रखा जाता है, तो उसका तापमान 20 मिनट में 45 °C हो जाता है। कैलोरीमीटर का जल तुल्यांक ज्ञात कीजिए।
हल :
उदाहरण 5.
समान आयतन के दो द्रवों को समान परिस्थितियों में 65 ºC से 50 ºC तक ठंडा किया जाता है। इसमें लगने वाले समय क्रमशः 200 सेकंड और 480 सेकंड है। यदि उनकी विशिष्ट ऊष्माओं का अनुपात 2 : 3 है, तो उनके घनत्वों का अनुपात ज्ञात कीजिए। (कैलोरीमीटर के जल तुल्यांक को नगण्य मान लें)
हल :
यहाँ w1 = w2 = 0, अतः निम्न समीकरण का प्रयोग करने पर,
उदाहरण 6.
5 × 10-3 किग्रा जल तुल्यांक के एक कैलोरीमीटर में 25 × 10-3 किग्रा जल है। इसे 28 °C से 21 °C तक ठंडा होने में 3 मिनट लगते हैं। जब इसी कैलोरीमीटर को 30 × 10-3 किग्रा तारपीन के तेल से भरा जाता है, तो इसे 28 °C से 21 °C तक ठंडा होने में 2 मिनट लगते हैं। तारपीन के तेल की विशिष्ट ऊष्मा ज्ञात कीजिए।
हल :
अथवा
उदाहरण 7.
−20°C तापमान पर एक बर्फ के टुकड़े को 20°C तापमान वाले एक कमरे में रखा गया है। समय के साथ तापमान में परिवर्तन निम्न प्रकार होगा :
हल :
(1). –20 °C से 0 °C तक
- कमरे से ऊष्मा अवशोषित करने पर बर्फ का तापमान बढ़ता है।
- न्यूटन के शीतलन/उष्मन के नियम के अनुसार
अर्थात् जैसे-जैसे T बढ़ेगा, (Troom−T) घटेगा और तापमान बढ़ने की दर धीरे-धीरे कम हो जाएगी।
- इस प्रक्रम के समय आलेख नीचे की ओर अवतल (concave downward) होना चाहिए (प्रारम्भ में ढाल (slope) अधिक होगी और 0 °C के पास पहुँचते-पहुंचते ढाल कम हो जाएगी)।
(2). 0 °C पर (गलन)
- अवस्था परिवर्तन के समय तापमान तब तक स्थिर रहता है जब तक कि सारी बर्फ पिघल न जाए।
- आलेख में इस समय समतल (horizontal) रेखा दिखाई देगी।
(3). 0 °C से 20 °C तक
- अब सम्पूर्ण बर्फ पिघल कर जल में परिवर्तित हो चुकी है। अब पुनः न्यूटन के नियम के अनुसार जल कमरे के तापमान तक गर्म होगा।
- आलेख फिर से नीचे की ओर अवतल होगा और धीरे-धीरे 20 °C के पास पहुँच जाएगा।
अब दिए गए आलेखों से :
(1) → आलेख का प्रारंभिक भाग ऊपर की ओर अवतल (ढाल बढ़ती हुई) है, अर्थात् तापमान बढ़ने की दर बढ़ रही है।
यह भौतिक रूप से गलत है क्योंकि जैसे-जैसे (T → Troom गर्म होने की दर तो धीरे-धीरे कम होनी चाहिए।
(2) → पहला भाग नीचे की ओर अवतल (ढाल घटती हुई) है, फिर 0 °C पर समतल रेखा और उसके बाद फिर से नीचे की ओर अवतल।
यह बिल्कुल हमारी अपेक्षा से मेल खाता है। ✅
(3) → इसमें तापमान घट रहा है, जो इस परिस्थिति में नहीं होगा। ❌
(4) → इसमें तापमान का व्यवहार लहरदार (wavy) है, जो भौतिक रूप से असंभव है। ❌
अतः इस स्थिति के लिए ग्राफ (2) सही है।




