चुंबकीय फ्लक्स | चुंबकीय फ्लक्स क्या है
चुंबकीय फ्लक्स | चुंबकीय फ्लक्स क्या है :- चुंबकीय फ्लक्स किसी दिए गए पृष्ठ से लम्बवत पारित होने वाली कुल चुंबकीय रेखाओं की संख्या को दर्शाता है। यह चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता, पृष्ठ के क्षेत्रफल तथा चुंबकीय क्षेत्र के सापेक्ष पृष्ठ की अभिविन्यास (orientation) पर निर्भर करता है।
चुंबकीय फ्लक्स को समझने का एक सरल और सहज तरीका इसे आयताकार लूप पर गिरने वाली वर्षा से तुलना करना है। कल्पना कीजिए कि समान रूप से वर्षा हो रही है और वर्षा की बूँदें सीधी नीचे की ओर गिर रही हैं, ठीक वैसे ही जैसे चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ किसी पृष्ठ से होकर गुजरती हैं। यह आयताकार लूप उस पृष्ठ को प्रदर्शित करता है जो इस चुंबकीय क्षेत्र में रखा गया है।
- जब लूप क्षैतिज होता है (θ = 0°), तब वर्षा की बूँदें सीधे उसके आर-पार गिरती हैं। प्रति सेकंड अधिकतम मात्रा में वर्षा लूप से होकर गुजरती है — यह अधिकतम चुंबकीय फ्लक्स को दर्शाती है।
- जब लूप किसी कोण θ पर झुका होता है, तो वर्षा की दिशा में उसका प्रभावी क्षेत्रफल कम हो जाने के कारण उससे होकर कम वर्षा-बूँदें गुजरती हैं। जैसे-जैसे झुकाव बढ़ता है, फ्लक्स घटता जाता है।
- जब लूप ऊर्ध्वाधर (θ = 90°) होता है, तब वर्षा की बूँदें उसकी सतह के साथ फिसलती हैं और कोई भी बूँद उसके आर-पार नहीं गुजरती — यह स्थिति शून्य चुंबकीय फ्लक्स को दर्शाती है।
लूप से होकर गुजरने वाली वर्षा की मात्रा उस प्रभावी क्षेत्रफल पर निर्भर करती है, जो वर्षा की दिशा में देखने पर लूप का दृश्य क्षेत्र (projection) होता है। चित्र से स्पष्ट है कि प्रभावी क्षेत्रफल (अर्थात् वर्षा की दिशा में लूप का प्रक्षेप) इस प्रकार है —
Aeff = ab cosθ = A cosθ
जहाँ A = ab लूप का वास्तविक क्षेत्रफल है और θ लूप का झुकाव कोण है। यदि लूप वर्षा की दिशा के लम्बवत है (θ = 0°), तो Aeff = A होता है, अर्थात् पूरा क्षेत्र वर्षा के लिए खुला रहता है। यदि लूप को 90° पर झुकाया जाए, तो कोई भी वर्षा-बूंद उसके आर-पार नहीं गुजरती, और Aeff = 0 हो जाता है।
हम यही विचार एक चुंबकीय क्षेत्र पर भी लागू कर सकते हैं जो लूप से होकर गुजरता है। नीचे दिया गया चित्र एक समान चुंबकीय क्षेत्र में रखे क्षेत्रफल (A = ab) वाले लूप को दर्शाता है।
कल्पना कीजिए कि चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ (जो बिंदुओं (•) के रूप में दिखाई गई हैं) पृष्ठ के बाहर आपकी ओर आ रही तीरों की तरह हैं। इन बिंदुओं का घनत्व (अर्थात् प्रति वर्ग मीटर बिंदुओं की संख्या) चुंबकीय क्षेत्र की तीव्रता (B) को दर्शाता है — जितने अधिक बिंदु सघन होंगे, चुंबकीय क्षेत्र उतना ही प्रबल होगा।
लूप से होकर गुजरने वाले कुल बिंदुओं (या क्षेत्र रेखाओं) की संख्या दो कारकों पर निर्भर करती है :
- बिंदुओं का घनत्व, जो B के अनुक्रमानुपाती है, और
- लूप का प्रभावी क्षेत्रफल,, Aeff = A cosθ .
कोण θ, चुंबकीय क्षेत्र (B) और क्षेत्रफल सदिश (A) (लूप का अक्ष) के मध्य का कोण है। जब लूप चुंबकीय क्षेत्र के लम्बवत होता है (θ = 0°), तब अधिकतम संख्या में क्षेत्र रेखाएँ लूप से पारित होती हैं। यदि लूप को 90° पर झुकाया जाए, तो कोई भी क्षेत्र रेखा लूप से पारित नहीं होती।
चुंबकीय फ्लक्स का सूत्र
यदि चुंबकीय क्षेत्र (B) व प्रष्ठ पर बने लम्ब (क्षेत्रफल सदिश A) के मध्य कोण θ हो, तो चुंबकीय फ्लक्स (φ) को चुंबकीय क्षेत्र (B) और क्षेत्रफल सदिश (A) के डॉट उत्पाद (अदिश उत्पाद) के रूप में परिभाषित किया जाता है।
यदि किसी कुंडली में एक से अधिक फेरे हों, तो कुंडली से पारित होने वाला कुल चुंबकीय फ्लक्स, अलग-अलग फेरों से पारित होने वाले फ्लक्सों के योग के बराबर होता है। यदि चुंबकीय क्षेत्र एकसमान है, तब कुल चुंबकीय फ्लक्स,
झुकाव कोण (θ) का चुंबकीय फ्लक्स पर प्रभाव
(1). जब θ = 0° हो
चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ लूप के लम्बवत होती है (और क्षेत्रफल सदिश के समान्तर)।
(2). जब θ = 90° हो
चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ लूप के प्रष्ठ के समान्तर होती है (और क्षेत्रफल सदिश के लम्बवत)।
चुंबकीय फ्लक्स के मात्रक और विमाएँ
(1). चुंबकीय फ्लक्स के SI मात्रक : वेबर (weber) (Wb).
(i) समीकरण का प्रयोग करने पर,
1 weber = 1 Wb = T-m2
(ii) समीकरण F = BILsinθ (चुंबकीय क्षेत्र में रखे गए धारावाही चालक पर बल) से, B = F/ILsinθ ⇒ 1 T = 1 NA-1m-1, इस परिणाम का प्रयोग करने पर,
1 Wb = T-m2 = (1 NA-1m-1) × m2 = 1 NmA-1 = 1JA-1
(iii) क्यूंकि V = W/Q ⇒ W = VQ ⇒ Joule = Volt × Coulomb,
1 Wb = 1JA-1 = 1 VCA-1 = 1 V(As)A-1
⇒ 1 Wb = 1 V-s
(iv) क्यूंकि V = IR ⇒ 1 Volt = 1 Amp. × Ohm,
1 Wb = 1 VCA-1 = 1 (AΩ)CA-1
⇒ 1 Wb = 1 ΩC
(2). चुंबकीय फ्लक्स के CGS मात्रक : मैक्सवेल (maxwell) (Mx).
1 maxwell = 1 gauss-cm2
मैक्सवेल और वेबर के मध्य संबंध
1 Wb = T-m2 = 104 gauss × 104 cm2 = 108 gauss × cm2
⇒ 1 Wb = 108 Mx
(3). चुंबकीय फ्लक्स की विमाएँ :
✅ नोट :
चुंबकीय क्षेत्र रेखाएँ काल्पनिक होती हैं—वे केवल चुंबकीय क्षेत्र की दिशा और तीव्रता को दर्शाने के लिए उपयोग की जाती हैं। किन्तु चुंबकीय फ्लक्स एक वास्तविक, मापी जाने योग्य अदिश भौतिक राशि है।
उदाहरण 1.
उत्तरी गोलार्ध में किसी निश्चित स्थान पर, पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का परिमाण 42 mT है और यह ऊर्ध्वाधर से 57º कोण पर नीचे की ओर इंगित करता है। 2.5 m2 क्षेत्रफल वाले एक क्षैतिज प्रष्ठ से पारित होने वाला चुंबकीय फ्लक्स होगा :
(A) 42 × 10-6 Wb
(B) 22 × 10-8 Wb
(C) 62 × 10-8 Wb
(D) 57 × 10-6 Wb
(given cos 33º = 0.839, cos 57º = 0.545)
हल :
विकल्प (D) सही है।
उदाहरण 2.
एक तार का लूप चुंबकीय क्षेत्र में रखा गया है। क्षेत्रफल
वाले लूप से पारित होने वाला चुंबकीय फ्लक्स ज्ञात कीजिए।
Solution :
उदाहरण 3.
0.06 m² क्षेत्रफल का एक लूप 1.2 T के चुंबकीय क्षेत्र में इस प्रकार रखा गया है कि इसका तल क्षेत्र की दिशा से 30° पर झुका हुआ है। लूप के तल से संबद्ध फ्लक्स ज्ञात कीजिए।
Solution :
यहाँ θ = 90° – 30° = 60°
उदाहरण 4.
किसी दिए गए तल पर, पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र के क्षैतिज और ऊर्ध्वाधर घटक BH और BV क्रमशः x और y अक्षों के अनुदिश हैं, जैसा कि नीचे चित्र में दर्शाया गया है। किसी क्षेत्र S से संबद्ध पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र का कुल फ्लक्स क्या होगा, यदि क्षेत्र S (a) x-y तल (b) y-z तल और (c) z-x तल में हो ?
हल :
(a) x-y तल में क्षेत्र S के लिए :
(b) y-z तल में क्षेत्र S के लिए :
(c) z-x तल में क्षेत्र S के लिए :
ऋणात्मक चिह्न का तात्पर्य है कि फ्लक्स क्षेत्र सदिश S के विपरीत ऊर्ध्वाधर नीचे की ओर निर्देशित है।
असमान चुंबकीय क्षेत्र में चुंबकीय फ्लक्स
एक असमान चुंबकीय क्षेत्र से पारित चुंबकीय फ्लक्स का मान ज्ञात करने के लिए, हम लूप के एक छोटे क्षेत्रफल अल्पांश dA पर विचार करते हैं। प्रत्येक बिंदु पर, चुंबकीय क्षेत्र B का परिमाण भिन्न हो सकता है (और यदि प्रष्ठ असमान है तो दिशा भी भिन्न हो सकती है)। अल्पांश dA से पारित अल्प चुंबकीय फ्लक्स :
जहाँ θ चुंबकीय क्षेत्र B और प्रष्ठ पर बने अभिलम्ब के मध्य का कोण है।
To obtain the total magnetic flux through the entire loop, we sum (integrate) the contributions from all such small elements :
सम्पूर्ण लूप से पारित कुल चुंबकीय फ्लक्स का मान ज्ञात करने के लिए, हमें ऐसे सभी छोटे-छोटे क्षेत्रफल तत्वों के योगदान को जोड़ना होगा (समाकलन करना होगा) :
उदाहरण 5.
1.0 cm × 4.0 cm विमाओं वाला एक आयताकार लूप, एक लंबे सीधे तार से 1.0 cm दूरी पर रखा गया है, जैसा कि चित्र में दर्शाया गया है। तार में 2.0 A धारा प्रवाहित हो रही है। लूप से पारित होने वाला चुंबकीय फ्लक्स ज्ञात कीजिए।
हल :
एक लंबे सीधे तार के कारण चुंबकीय क्षेत्र,
लूप के प्रष्ठ पर dr मोटाई की एक छोटी पट्टीका से पारित फ्लक्स,
लूप से पारित कुल चुंबकीय फ्लक्स,







