फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम
फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम :- अनेक प्रयोगों (फ़ैराडे के प्रयोग) के माध्यम से चुंबकीय क्षेत्र और विद्युत धारा के संबंध का अध्ययन करने के पश्चात, माइकल फ़ैराडे ने अपने निष्कर्षों को दो मूलभूत नियमों के रूप में प्रस्तुत किया। इन्हें फ़ैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम कहा जाता है। ये नियम बताते हैं कि किस प्रकार एक परिवर्ती चुंबकीय क्षेत्र किसी परिपथ में विद्युत वाहक बल (emf) और धारा (परिपथ बंद होने पर) उत्पन्न करता है।
फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण का प्रथम नियम
(फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम)
- जब भी किसी परिपथ से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन होता है तब उस परिपथ में एक विद्युत वाहक बल (emf) प्रेरित होता है।
यदि परिपथ बंद हो, तो प्रेरित emf के कारण परिपथ में एक प्रेरित धारा प्रवाहित होने लगती है।
चुंबकीय फ्लक्स निम्न प्रकार से परिवर्तित किया जा सकता है :
- चुंबकीय क्षेत्र (B) की तीव्रता में परिवर्तन होने पर।
- कुंडली या लूप के क्षेत्रफल (A) में परिवर्तन होने पर।
- कुंडली के प्रष्ठ पर बने लम्ब (क्षेत्रफल सदिश) व चुंबकीय क्षेत्र (B) के मध्य कोण (θ) में परिवर्तन होने पर।
- चुंबक और कुंडली को एक-दूसरे के सापेक्ष गति कराने पर।
इस प्रकार, चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन ही विद्युतचुंबकीय प्रेरण का मुख्य कारण है।
फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण का द्वितीय नियम
(फैराडे के विद्युत चुंबकीय प्रेरण के नियम)
- किसी परिपथ में प्रेरित विद्युत वाहक बल (emf) का परिमाण, उस परिपथ से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर के समानुपाती होता है।
गणितीय रूप से,
जहाँ
- e = प्रेरित विद्युत वाहक बल emf,
- Φ = चुंबकीय फ्लक्स,
- dΦ/dt = चुंबकीय फ्लक्स में परिवर्तन की दर,
- ऋणात्मक चिन्ह, लेन्ज़ के नियम से है जो प्रेरित विद्युत वाहक बल (emf) की दिशा को इंगित करता है।
यदि कुंडली में N फेरे हों और प्रत्येक फेरे से संबद्ध चुंबकीय फ्लक्स Φ हो, तो किसी भी समय कुंडली से संबद्ध कुल चुंबकीय फ्लक्स = NΦ होगा। अतः प्रेरित emf,
फ़ैराडे के विद्युतचुंबकीय प्रेरण के नियम आधुनिक विद्युत प्रौद्योगिकी (electrical technology) की आधारशिला हैं। ये दिखाते हैं कि गति और चुंबकीय क्षेत्रों से विद्युत कैसे उत्पन्न होती है। यही सिद्धांत विद्युत जनित्रों, ट्रांसफ़ॉर्मरों और अनेक दैनिक उपयोग के विद्युत उपकरणों को चलाते हैं। फ़ैराडे की यह खोज विद्युतचुंबकत्व (electromagnetism) और विद्युत अभियांत्रिकी (electrical engineering) के विकास में उनकी सबसे महान देनों में से एक है।
