भौतिक राशियाँ

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भौतिक राशियाँ

 

भौतिक राशियाँ

भौतिकी के नियमों का वर्णन करने के लिए उपयोग की जाने वाली सभी राशियाँ, भौतिक राशियाँ कहलाती हैं या दूसरे शब्दों में “मापने योग्य राशियाँ, भौतिक राशियाँ कहलाती हैं।”

भौतिक राशियों का वर्गीकरण :-

भौतिक राशियों को निम्नलिखित आधारों पर वर्गीकृत किया जा सकता है: –

I. उनके दिशात्मक गुणों के आधार पर

1. अदिश राशियाँ :- वे राशियाँ जिनमें केवल परिमाण होता है लेकिन दिशा नहीं होती, अदिश राशियाँ कहलाती हैं। उदाहरण के लिए द्रव्यमान, घनत्व, आयतन, समय आदि।

2. सदिश राशियाँ :- वे राशियाँ जिनमें परिमाण और दिशा दोनों होते हैं और सदिश बीजगणित के नियमों का पालन करते हैं, सदिश राशियाँ कहलाती हैं। उदाहरण के लिए विस्थापन, बल, वेग, आदि।

II. उनकी निर्भरता के आधार पर

1. मौलिक या मूल भौतिक राशियाँ :- वे राशियाँ जो अपनी पूर्ण परिभाषा के लिए अन्य भौतिक राशियों पर निर्भर नहीं करती हैं, उन्हें मूल भोतिक राशियाँ कहा जाता है। CGPM (भार एवं मापन पर सामान्य सम्मेलन,General Conference on Weights and Measures) नामक एक अंतर्राष्ट्रीय संगठन ने सात भौतिक राशियों को मूल या मौलिक के रूप में चुना।

भौतिक राशियाँ

2. व्युत्पन्न भौतिक राशियाँ :- वे राशियाँ जिन्हें मूल राशियों के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, व्युत्पन्न भौतिक राशियाँ कहलाती हैं। उदाहरण के लिए, गति (= दूरी/समय), आयतन, त्वरण, बल, दबाव, आदि। भौतिक राशियों को विमीय और विमाहीन राशि या स्थिरांक और चर के रूप में भी वर्गीकृत किया जा सकता है।

उदाहरण :-

विस्थापन, द्रव्यमान, बल, समय, चाल, वेग, त्वरण, जड़त्व आघूर्ण, दाब और कार्य को निम्नलिखित श्रेणियों में वर्गीकृत करें:-

(a) मूल तथा अदिश (b) मूल तथा सदिश (c) व्युत्पन्न तथा अदिश (d) व्युत्पन्न तथा सदिश

हल :- (a) द्रव्यमान, समय (b) विस्थापन (c) चाल, दाब, कार्य (d) बल, वेग, त्वरण

 

भौतिक राशियों के मात्रक

मात्रक :- माप का चयनित संदर्भ मानक जिसके गुणजों के रूप में भौतिक राशि व्यक्त की जाती है, उस मात्रक कहलाता है।

किसी भौतिक राशि का मात्रक उसके संख्यात्मक मान के व्युत्क्रमानुपाती होती है अर्थात,

\displaystyle u\propto \frac{1}{n},

जहाँ u और n एक भौतिक राशी के क्रमशः मात्रक और संख्यात्मक मान हैं। मात्रक और संख्यात्मक मान के बीच संबंध

n1u1 = n2u2

किसी भौतिक राशि के मात्रक का चयन करते समय निम्नलिखित बातों का ध्यान रखना चाहिए:-

  1. चयन किया गया मात्रक सभी को स्वीकार्य और उचित आकार और परिमाण का होना चाहिए।
  2. तापमान, दबाव और समय में परिवर्तन से मात्रक प्रभावित नहीं होनी चाहिए।
  3. चयनित मात्रक आसानी से परिभाषित किया जा सके और सभी स्थानों पर उसके प्रतिरूप आसानी से बनाये जा सकें।

मात्रकों का वर्गीकरण :- भौतिक मात्राओं के मात्रकों को निम्नानुसार वर्गीकृत किया जा सकता है: –

1. मूल मात्रक:-

मूल राशियों के मात्रकों को मूल मात्रक कहा जाता है। SI प्रणाली में सात मूल मात्रक होते हैं।

  • लंबाई – मीटर (m)
  • समय – सेकंड (s)
  • पदार्थ की मात्रा – मोल (mol)
  • विद्युत धारा – एम्पीयर (A)
  • तापमान – केल्विन (K)
  • प्रदीपन तीव्रता – कैंडेला (cd)
  • द्रव्यमान – किलोग्राम (Kg)

मूल मात्रकों की परिभाषाएं

SI प्रणाली की सात मूल इकाइयों को निम्नानुसार परिभाषित किया गया है।

  1. 1 किलोग्राम:- प्लैटिनम और इरिडियम मिश्र धातुओं से बना एक बेलनाकार प्रोटोटाइप द्रव्यमान जिसकी ऊंचाई 39 मिमी और व्यास 39 मिमी है। यह कार्बन-12 के 5.0188 x 1025 परमाणुओं का द्रव्यमान है।
  2. 1 मीटर:- 1 मीटर वह दूरी है जिसमें Kr-86 के नारंगी-लाल प्रकाश की 1650763.73 तरंग दैर्ध्य होती है।
  3. 1 सेकंड:- 1 सेकंड वह समय है जिसमें सीज़ियम परमाणु एक परमाणु घड़ी में ९१९२६३१७७० बार कंपन करता है।
  4. 1 केल्विन:- 1 केल्विन पानी के त्रिगुण बिंदु के उष्मागतिकी तापमान का (1/273.16) भाग है।
  5. जब स्रोत प्लेटिनम (1760°C) के गलनांक पर होता है, तो 1 कैंडेला 1 कैंडेला सेमी के क्षेत्र द्वारा एक आदर्श स्रोत की (1/60) चमकदार तीव्रता होती है।
  6. 1 एम्पीयर:- 1 एम्पीयर वह विद्युत धारा है जो निर्वात में 1 मीटर की दूरी पर रखे दो सीधे,समान्तर,अनंत लम्बाई व नगण्य वृताकार परिच्छेद वाले तारों में प्रवाहित होने पर उनके बीच प्रति मीटर लंबाई पर  2 x 10-7 N का बल उत्पन्न करती है।
  7. 1 मोल:- एक मोल पदार्थ की वह मात्र है जिसमे मूल अवयवों की संख्या उतनी है जितनी की 6C12 के 0.012 Kg के कार्बन परमाणुओं की संख्या होती है।

2. व्युत्पन्न मात्रक :-

व्युत्पन्न राशियों के मात्रक या वे मात्रक जिन्हें मूल मात्रकों के रूप में व्यक्त किया जा सकता है, व्युत्पन्न मात्रक कहलाते हैं।

  • क्षत्रफल – m2
  • आयतन – m3
  • चाल – m/s2
  • घनत्व – Kg/m3
  • बल के मात्रक – newton (N)
  • आवृत्ति के मात्रक – hertz (Hz) etc.

उदाहरण :-

चाल और त्वरण के SI मात्रक ज्ञात कीजिए।

हल :-

चाल = दूरी/समय = मीटर (m)/सेकंड (s) = m/s

त्वरण = वेग में परिवर्तन/समय  = [m/s]/s = m/sec²

 

Next Topic :-    मात्रक पद्धतियाँ

 

 

 

About the author

Manoj Kumar Verma

Hi, I'm Manoj Kumar Verma, a physics faculty having 7 years of teaching experience. I have done B.Tech (E.E.). I am also a YouTuber and Blogger. This blog is dedicated to help students learn the physics concepts easily.

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