ताप मापन का सिद्धांत

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ताप मापन का सिद्धांत

 

 

ताप मापन का सिद्धांत :- पिछले लेख तापमान में हमने चर्चा की है कि किसी वस्तु के ताप मापन के लिए, हमें एक ताप पैमाने का निर्माण करने की आवश्यकता है। उस तापमान पैमाने में हम एक निकाय के किसी गुणधर्म का उपयोग करते हैं जो तापमान के साथ – साथ रैखिक रूप से परिवर्तित होता है।

वह गुणधर्म हो सकता है: –

  • थर्मामीटर में भरे पारा स्तंभ (L) की लंबाई
  • स्थिर आयतन पात्र में गैस की नियत मात्रा का दबाव (P)
  • चालक तार का विद्युत प्रतिरोध (R)

इत्यादि।

ताप मापन का सिद्धांत | Temperature Measurement

(1) मान लीजिए कि एक छड़ की लंबाई तापमान के साथ – साथ रेखीये रूप से परिवर्तित होती है: –

ताप मापन का सिद्धांत  - Curio Physics

 

तापमान T1 पर छड़ की लंबाई l1 है और तापमान T2 पर छड़ की लंबाई l2 हो जाती है। अब, यदि इस तापमान परास (T2 – T1) में, छड़ की लंबाई (l2 से l1)  रेखीये रूप से परिवर्तित होती है तब :-

\displaystyle dl\propto dT

\displaystyle \Rightarrow \frac{dl}{dT}=cons.

अर्थात, तापमान के साथ – साथ लम्बाई में परिवर्तन की दर  = नियत 

\displaystyle \Rightarrow \frac{{{T}_{2}}-{{T}_{1}}}{{{l}_{2}}-{{l}_{1}}}=\frac{T-{{T}_{1}}}{l-{{l}_{1}}}

उपरोक्त संबंध का उपयोग करते हुए, छड़ की लंबाई (L) ज्ञात होने पर , संबंधित तापमान (T) की गणना की जा सकती है।

नोट: – यहाँ हम कह रहे हैं कि  dl ∝ dT , हम  l ∝ T नहीं कह सकते , क्योंकि तब  l = k T  होगा और  T = 0ºC , l = 0 m , जो कि गलत है।

उदाहरण:-

T = 0ºC पर, एक छड़ की लंबाई  5 cm और  T = 100ºC पर, छड़ की लंबाई  25 cm है।  “T” के किस मान पर छड़ की लंबाई 10 सेमी होगी ?

हल:-

 \displaystyle  \frac{{{T}_{2}}-{{T}_{1}}}{{{l}_{2}}-{{l}_{1}}}=\frac{T-{{T}_{1}}}{l-{{l}_{1}}}      का प्रयोग करने पर

हमें प्राप्त होता है

\displaystyle \frac{100-0}{25-5}=\frac{T-0}{10-5}

\displaystyle \frac{100}{20}=\frac{T}{5}

⇒ T = 25ºC

 

(2) यदि किसी गैस का दाब तापमान के साथ रेखीये रूप से बदलता है तब :-

\displaystyle dp\propto dT

\displaystyle \Rightarrow \frac{dp}{dT}=cons.

i.e. तापमान के साथ – साथ दाब में परिवर्तन की दर  = नियत

\displaystyle \Rightarrow \frac{{{T}_{2}}-{{T}_{1}}}{{{p}_{2}}-{{p}_{1}}}=\frac{T-{{T}_{1}}}{p-{{p}_{1}}}

उपरोक्त संबंध का उपयोग करते हुए,  किसी गैस का दाब (p) ज्ञात होने पर , संबंधित तापमान (T) की गणना की जा सकती है।

 

(3) यदि गैस का आयतन तापमान के साथ रेखीये रूप से बदलता है तब :-

\displaystyle dV\propto dT

\displaystyle \Rightarrow \frac{dV}{dT}=cons.

i.e. तापमान के साथ – साथ आयतन में परिवर्तन की दर  = नियत

\displaystyle \Rightarrow \frac{{{T}_{2}}-{{T}_{1}}}{{{V}_{2}}-{{V}_{1}}}=\frac{T-{{T}_{1}}}{V-{{V}_{1}}}

उपरोक्त संबंध का उपयोग करते हुए,  किसी गैस का दाब (p) ज्ञात होने पर , संबंधित तापमान (T) की गणना की जा सकती है।

(4) यदि किसी तार का प्रतिरोध तापमान के साथ – साथ रेखीये रूप से परिवर्तित होता हो , तो प्रतिरोध का उपयोग तापमान मापन के लिए किया जा सकता है।

\displaystyle dR\propto dT

\displaystyle \Rightarrow \frac{dR}{dT}=cons.

i.e.तापमान के साथ – साथ प्रतिरोध में परिवर्तन की दर  = नियत

\displaystyle \Rightarrow \frac{{{T}_{2}}-{{T}_{1}}}{{{R}_{2}}-{{R}_{1}}}=\frac{T-{{T}_{1}}}{R-{{R}_{1}}}

तार के प्रतिरोध (R) को जानते हुए, संबंधित तापमान (T) की गणना उपरोक्त संबंध से की जा सकती है।

 

उपरोक्त लेख के लिए वीडियो लेक्चर :-

 

 

 

 

About the author

Manoj Kumar Verma

Hi, I'm Manoj Kumar Verma, a physics faculty having 7 years of teaching experience. I have done B.Tech (E.E.). I am also a YouTuber and Blogger. This blog is dedicated to help students learn the physics concepts easily.

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